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    परिचय

    प्रकाशित तिथि : नवम्बर 14, 2019

    हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद एक एजेंसी है जिसे हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद अधिनियम (संख्या 4) के तहत स्थापित किया गया है। यह अधिनियम राज्य विधानसभा द्वारा 2018 में पारित किया गया था और इसमें 6 मई 2020 को संशोधन किया गया था। पहली हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद 27 अप्रैल 2018 को अस्तित्व में आई (हरियाणा अधिनियम संख्या 4, 2018 के तहत)। प्रसिद्ध शिक्षाविद् डॉ. बृज किशोर कुठियाला को परिषद का पहला अध्यक्ष और प्रो. के.सी. शर्मा को पहला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। डॉ. बी.के. कुठियाला का कार्यकाल 30 अप्रैल 2023 को समाप्त हुआ। इसके बाद, प्रो. के.सी. शर्मा को 3 नवंबर 2023 को परिषद का अध्यक्ष और प्रो. एस.के. गाखर को 05.03.2024 को परिषद का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

    अधिनियम के मुख्य प्रावधान: अधिनियम संख्या 4 (2018), जिसमें 6 मई 2020 को संशोधन किया गया था, के मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:

    परिषद का गठन

    3. (1) राज्य सरकार, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद का गठन करेगी जिसमें निम्नलिखित सदस्य शामिल होंगे:

    1. साबित नेतृत्व क्षमता वाले शिक्षाविद् या प्रसिद्ध बुद्धिजीवी – अध्यक्ष;
    2. अखिल भारतीय ख्याति प्राप्त शिक्षा प्रशासक जो प्रोफेसर या समकक्ष पद पर कार्यरत हैं या रह चुके हैं – उपाध्यक्ष;
    3. राज्य परियोजना निदेशक – सदस्य सचिव;
    4. हटा दिया गया
    5. अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, हरियाणा या उनके प्रतिनिधि जो उच्च शिक्षा विभाग, हरियाणा में निदेशक के पद से नीचे के न हों – सदस्य;
    6. अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव, तकनीकी शिक्षा विभाग, हरियाणा या उनके प्रतिनिधि जो तकनीकी शिक्षा विभाग, हरियाणा में निदेशक के पद से नीचे के न हों – सदस्य;
    7. वित्त विभाग के प्रतिनिधि जो संयुक्त सचिव के पद से नीचे के न हों – सदस्य;
    8. कला, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्कृति, सामाजिक क्षेत्र और उद्योग तथा व्यावसायिक शिक्षा आदि के क्षेत्रों से पंद्रह सदस्य – सदस्य:
    9. बशर्ते कि परिषद के दस सदस्य राज्य से हों और पांच सदस्य अन्य राज्यों से हों तथा राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हों। इसके अलावा, राज्य सरकार काउंसिल के चेयरपर्सन की सिफारिश पर ज़रूरत के हिसाब से और सदस्य या विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल कर सकती है।
    10. राज्य के किन्हीं तीन विश्वविद्यालयों के वाइस-चांसलर – सदस्य;
    11. ऑटोनॉमस या एफिलिएटेड कॉलेजों के दो प्रिंसिपल – सदस्य;
    12. भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा नॉमिनेट किया गया एक सदस्य – सदस्य।
    13. (2) काउंसिल ऊपर बताए गए नाम से एक कॉर्पोरेट बॉडी होगी, जिसकी अपनी स्थायी पहचान और कॉमन सील होगी, और वह इसी नाम से मुकदमा कर सकेगी और उस पर मुकदमा किया जा सकेगा।