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    उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र (Entrepreneurship Ecosystem) के सुदृढ़ीकरण पर कार्यशाला।

    • प्रारंभ तिथि : 05/01/2026
    • समाप्ति तिथि : 05/01/2026
    • कार्यक्रम का स्थान : Guru Jambheshwar University of Science & Technology, Hisar

    यह कार्यक्रम हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद (HSHEC), उच्च शिक्षा विभाग, हरियाणा सरकार और GJUST, हिसार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इस कार्यशाला में राज्य विश्वविद्यालयों, मॉडल संस्कृति कॉलेजों, चयनित सरकारी और सरकार-सहायता प्राप्त कॉलेजों के उद्यमिता विकास सेल (EDC) समन्वयकों और प्राचार्यों के साथ-साथ स्टार्टअप मेंटर्स और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया।

    कार्यशाला का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों के बीच नवाचार, स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा देकर उच्च शिक्षण संस्थानों के भीतर उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र (entrepreneurship ecosystem) को मजबूत करना था। यह विचार-विमर्श राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विजन के अनुरूप था, जिसमें विश्वविद्यालयों को केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थानों के बजाय नवाचार, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और रोजगार सृजन के केंद्रों के रूप में बदलने पर जोर दिया गया।

    कार्यशाला के दौरान, विशेषज्ञों ने इस बात पर व्यावहारिक जानकारी साझा की कि विश्वविद्यालय किस प्रकार एक जीवंत उद्यमिता संस्कृति को बढ़ावा दे सकते हैं। चर्चाओं में परिसरों में नवाचार और इनक्यूबेशन केंद्रों की स्थापना और सुदृढ़ीकरण, शिक्षा जगत और उद्योग के बीच प्रभावी जुड़ाव बनाने, और फंडिंग, मेंटरशिप तथा संस्थागत सहायता के लिए व्यवस्थित प्रणाली विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों को मजबूत उद्यमिता विकास सेल विकसित करने, छात्र-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स का समर्थन करने और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में नवाचार एवं उद्यमशीलता की सोच को एकीकृत करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।

    कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि उद्यमिता अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आधुनिक उच्च शिक्षा का एक अनिवार्य स्तंभ है। संस्थानों को छात्रों के बीच नवाचार-प्रेरित मानसिकता विकसित करने और राज्य की आर्थिक वृद्धि एवं स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।